May 07, 2019

#ParshuramJayanti


अग्रतः चतुरो वेदाः पृष्ठतः सशरं धनुः।
इदं ब्राह्मं इदं क्षात्रं शापादपि शरादपि।।

Agratah chaturo vedah, pristhtah sasharam dhanuh.
Idam bramham idam kshatram, shapadapi sharadapi..

ऋषि जमदग्नि के पुत्र परशुराम, जो वेदो को मुख में और धनुष को पीठ पर धारण करते है, पापियों का श्राप अथवा शास्त्र से संहार करते है🙏🏻

-K Himaanshu Shuklaa..

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