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September 29, 2019

दुर्गा स्तुति तीसरा अध्याय: महिषासुर वध

क्षुर ने निज सेना का सुना जभी संहार, क्रोधित होकर लड़ने को आप हुआ तैयार..

ऋषि मेघा ने राजा से फिर कहा, सुनों त्रतीय अध्याय की अब कथा..
महा योद्धा चक्षुर था अभिमान में, गर्जता हुआ आया मैदान में..