आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। कहते है भगवान विष्णु अपनी चार महीने की निद्रा से आज उठते है इसीलिए इसे देवउठनी एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है ।
भगवान विष्णु को जगाने का मंत्र
भगवान् को निंद्रा से उठाने के लिए इस मन्त्र का जप करें, अगर उच्चारण न कर पाए तो 'उठो देवा, जागो देवा, बैठो देवा' कहकर श्रीनारायण को उठाएं।
उत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पतये। त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत् सुप्तं भवेदिदम्॥
उत्थिते चेष्टते सर्वमुत्तिष्ठोत्तिष्ठ माधव। गतामेघा वियच्चैव निर्मलं निर्मलादिशः॥
शारदानि च पुष्पाणि गृहाण मम केशव।
प्रबोधिनी एकादशी के दिन तुलसी जी का विवाह भगवान शालिग्राम के साथ करवाने की भी परंपरा है।




