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May 05, 2020

#Ramayan: क्या राम ने खाये थे शबरी के झूठे बेर?

रामानंद सागर की रामायण में शबरी के राम मिलान वाला एपिसोड Youtube पे देख रहा था। रामानंद जी ने रामकथा बहुत साफ़, सहज, और दिल छू लेने वाले भाव से बनायी है, पर शबरी वाला एपिसोड थोड़ा थोड़ा आँखों में चुबता है।

शबरी कहती है "हे राम मुझे नीच कुल में उत्त्पन ये शरीर छोड़ने की आज्ञा देने से पहले मुझे भक्ति का ज्ञान प्रदान करो प्रभु।" उसके बाद राम शबरी को नवदा भक्ति के बारे में बताते है।

रामानंद की रामायण के मखमली क़ालीन जैसी लगती है। शबरी का बार बार खुद को 'नीच' कहने वाले संवाद इस मखमली क़ालीन पर टाट के पैबंद जैसे लगते है।

January 11, 2019

#Ramayan: Lyrics and Translation of नवधा भक्ति/ Navdha Bhakti


नवधा भक्ति क्या है?

‘नवधा’ का अर्थ है नौ प्रकार से या नौ भेद। अतः ‘नवधा भक्ति’ यानी ‘नौ प्रकार से भक्ति’। कहते है इस भक्ति का विधिवत पालन करने से भक्त भगवान को प्राप्त कर सकता है।  

नवधा भक्ति दो युगों में दो लोगों द्वारा कही गई है। सतयुग में, प्रह्लाद ने पिता हिरण्यकशिपु से कहा था। फिर त्रेतायुग में, श्री राम ने माँ शबरी से कहा था। 

रामचरितमानस के अरण्यकाण्ड में, श्री राम ने माँ शबरी को नवधा भक्ति समझाते है। आइये जानिए नवधा भक्ति की चौपाई एवं उनके अर्थ


श्रीरामचरितमानस से अवधी भाषा में नवधा भक्ति..

Lord Ram explained, the nine types of devotion/ penance in form of Navdha Bhakti to Param Tapasvini Shabri.

नवधा भगति कहउं तोहि पाहीं। सावधान सुनु धरु मन माहीं॥